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Friday, February 16, 2018

What is Ethernet


  

     Ethernet एक cable होती है।  यह हमारे Local area network में used होती है. यह LAN में  सभी computers को आपस में connect  करती  है. जिस से computers आपस में कम्युनिकेशन कर पाते हैं। Ethernet Cable पुरे LAN में सभी computers  को Router से connect होकर internet provide कराती है।

 




       Ethernet Technology OSI Model की Data link layer तथा physical लेयर दोनों पर काम करता है।   Ethernet cables के example Twisted pair केबल, RJ 45 cable ये होती है।  ये एक LAN में एक Router , Hub तथा  computers को आपस में connect करती  है।  Router से connect होकर Ethernet पुरे नेटवर्क में सभी computers को internet देता है। Ethernet cable के द्वारा हम दो Computers को आपस में connect करके data send या दोनों computers के बीच communication कर सकते हैं.
 
 

      Ethernet को 1973 में Xerox Parc company ने create किया था।  Ethernet की speed 1000 mbps तक होती है. Ethernet बिना NIC ( Network interface card ) के use नहीं होती है. हमारे computers में NIC card होना जरूरी होता है. जिससे Ethernet connect हो सके।





Ethernet Technology के Component 
  
  1 ) Ethernet Cable
  2)  Hub
  3) Cross cable
  4) Router  




 

Wednesday, February 14, 2018

What is OSI model in networking


     




        OSI model को  ISO(International Organization For Standardization )  ने 1978 में Create किया था | OSI Model का पूरा नाम Open system interconnection है. OSI model में 7 Layer  होती है. OSI model किसी नेटवर्क में काम करता है।  यह किसी नेटवर्क में दो users या दो computers के मध्य Communication करता है. OSI model यह बताता है कि किसी नेटवर्क में Data कैसे send और receive होती है.



    OSI model में 7 Layer होती है और इन सबका का किसी नेटवर्क में अलग अलग काम रहता है किसी नेटवर्क मैं ये layer एक layer से दूसरे  लेयर के द्वारा डाटा का Transmission  करते हैं पर ये लेयर एक दूसरे पर निर्भर नहीं  रहती हैं. OSI मॉडल के द्वारा पुरे नेटवर्क मैं डाटा का आदान प्रदान होता है. यह नेटवर्क में लगे सभी computer को आपस में लेयर के द्वारा Data send और receive करता है


  OSI model में निम्नलिखित लेयर होती है.

7 -: Application Layer
6-:  Presentation Layer
5-:  Session Layer
4-:  Transport Layer
3-:  Network Layer
2-:  Data link Layer
1-: Physical Layer


 1) Physical Layer

 Physical layer OSI model की First layer होती है | इसमें डाटा Binary transmission तथा Signal के throw जाता है. यह layer data को bits में convert कर देता है. 


   इस layer में किसी network का layout भी ready होता है. 




2 ) Data Link Layer 
         

    
      यह OSI मॉडल की Second layer होती है. यह layer डाटा को frames में Convert  करता है . इसमें दो sub लेयर होती हैं . 



1 -: MAC  ( Media access control ) -: इसमें सभी computers का mac address होता है जिससे पता रहता है की कौनसा डिवाइस कौन है. 


2 -: LLC  ( Logical link Control ) -: यह फिजिकल लेयर तथा बाकि लेयर के बीच  एक लिंक create करता है | 




3 ) Network Layer


      यह OSI model की third layer होती है. नेटवर्क लेयर मैं डाटा packets के रूप में travel करता है तथा डाटा IP  address के द्वारा अपने destination तक पहुँचता है।  तथा नेटवर्क लेयर के द्वारा डाटा को हम एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क में भी share कर सकते हैं.




4 ) Transport Layer 
   

      यह OSI model की fourth layer होती है।  इस लेयर मैं डाटा का Transfer होता है।  इसमें  नेटवर्क में एक computer से दूसरे कंप्यूटर में डाटा transfer होता है।  end to end connections होता है. 



5 ) Session Layer  
 


       यह OSI model fifth layer होती है. ये लेयर receiver तथा sender के मध्य सेशन create करता है. यदि कोई session ब्रेक हो जाये तो इसमें उसको recover करने की ability होती है. यह लेयर डाटा को  establish , maintain तथा terminate करता है. 



 6 ) Presentation Layer 


     यह OSI Model की sixth layer होती है. यह लेयर डाटा को encrypt , translate तथा compress करता है।  यह डाटा को machine language में convert कर देता हैं।  जो सिर्फ machine ही read कर सकती है. 


 7 ) Application Layer



      यह OSI model की last layer होती है. एप्लीकेशन लेयर में जो browser पर search करते है। तथा एप्लीकेशन लेयर नेटवर्क पर काम  करने के लिये interface प्रोवाइड करती है।  application लेयर पर निम्न protocol use किये जाते हैं. 


 1 ) Http 
 2) Ftp
 3) Smtp
 4) Nfs
 5) Pop 3

 
 

    
  
                    

 

Sunday, February 11, 2018

What is Mac Address


    


  Mac Address  का पूरा नाम Media Access Control Address है | किसी Computer या इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस का Mac Address एक Unique Identifier होता है |  MAC  Address  उन्हीं Electronics Device का होता हैं जो अन्य डिवाइस से Communicate कर सकते हैं. MAC Address Unique Address होता है इसको हम Change नहीं कर सकते हैं | Mac  एड्रेस का प्रयोग OSI Model के Data link लेयर मैं  किया जाता है |


  Mac Address किसी  computer को identify करता है | Mac address 48 bit Address होता है.
example -     2C-6E-85-20-8D-39 यह हेक्सा डेसिमल वैल्यू होती है | 

 Mac address का use  IEEE -802 Standard technology में होता है।  IEEE -802 standard technology में जैसे wi-fi , ethernet आते हैं।  

Mac address का use हम अपने  नेटवर्क मैं  भी कर सकते  हैं. जैसे कोई Computer या mobile हमारे wi -fi network से connect हो रखा है तो  अगर हमे उस  कंप्यूटर या मोबाइल को जो इंटरनेट provide हो रहा है  उसको off करना है  तो  पहले  router setting में  जा कर उस  computer या मोबाइल का  MAC Address Filter करके  उस PC या मोबाइल का इंटरनेट बंद हो जाता है. और सिर्फ इंटरनेट ही बंद  होता है वह wi-fi  से जुड़ा ही रहता है. 


       
  अपने PC का MAC Address find करने के लिए command prompt में जा कर  Ipconfig/all  करके PC का MAC address find हो जायेगा। 








NOTE-: contact me any help to computer networking topic 
Gmail-: sendychaudhary721@gmail.com

Saturday, February 10, 2018

What is the ARP in Computer Networking










 Introduction to ARP

      ARP का पूरा नाम Address Resolution Protocol होता है , यह एक Network  Layer Protocol होता है | इस protocol  की मदद से हम किसी भी Device के Address को Resolve कर सकते हैं, या निकाल सकते हैं | ARP Protocol ip address के Base पर MAC Address  को Resolve करता  है.



 
              

   HOW ARP WORKS                                 

          अगर हमें अपने network  में  किसी  Device का MAC Address find करना है तो हमारा Router Network में एक Request Packet Send करता है  जो Arp Request पैकेट होता हैं. Arp Request packet पुरे Network में Broadcast होता है. जब ARP Request  packet पुरे नेटवर्क मैं Broadcast होता है तो सभी Device उस packet को Read करेंगे पर सिर्फ वही उसको Responce जिसका की IP Address match हो रहा हो उस पैकेट के साथ फिर वह एक Responce packet Generate है जो  Router को जाता  है।


        जब कोई Device Responce packet Router को send करता हैं तो Responce पैकेट सिर्फ Router ही Read कर सकता है और उस Responce packet से  Router Device का MAC Address Find के लेता है।
 

Tuesday, January 23, 2018

Types of Communication


Communication -:

 

  Computer network में एक computer से दूसरे computer में Data को Send करना तथा recive करना एक communication कहलाता है। communication में one way या two way होता है। जिस से डेटा का आदान - प्रदान होता है।



कम्युनिकेशन चैनल तीन प्रकार के होते हैं।

1) Simplex

2) Half Duplex

3). Full Duplex





Simplex -:


      Simplex में Data केवल एक ही दिशा में Send होता है। इसमें हम केवल Data को Send कर सकते है Recive नहीं कर सकते है।


  Example -:  key-board , keyboard में हम केवल डेटा को send कर सकते हैं Recive नहीं कर सकते हैं।





Half Duplex-:

  

      Half Duplex में Data का communication दोनों दिशाओं में होता है। लेकिन इसमें एक समय में एक ही दिशा में  Data को हम या तो send कर सकते है या उस समय Recive ही कर सकते है।


Example -: Hard Disk ,

 

  Hard Disk में जब हम Data को save करते हैं तो उस समय Data को पढ़ा नहीं जा सकता है। और जब पढ़ सकते हैं तब हम Data को save नहीं कर सकते हैं।







Full Duplex -:


  
    Full Duplex में Data को एक ही समय में दोंनो दिशाओं Send भी कर सकते हैं। और Recive भी कर सकते हैं । अर्थात दोंनो दिशाओं में एक ही समय में Communication हो सकता है।

Example -: Smartphones

Saturday, December 2, 2017

Ip Address क्या होता है।


     Ip address किसी computer या Mobile का एक unique address होता है जो कि किसी computer या mobile की identity होती है।

  
     Ip का पूरा नाम Internet Protocol होता है। Ip Address दो Computer के मध्य Communication करवाता है।  ip address एक 32 बिट numeric होता है।     किसी भी Computer या mobile का ip address 0 से 255 तक कि संख्याओं के बीच का होता है।



    Example -:    112:110:122:31 यह एक ip address है। हर Computer का अलग अलग ip एड्रेस होता है।



   Ip address से हम किसी भी computer को identify कर सकते है। और जो computers Internet से जुड़े हुये होते हैं वो host Computers कहलाते हैं।




    जो ip एड्रेस 192 से start होते है । वो ip address Private ip एड्रेस होते है। किसी LAN का ip एड्रेस Private ip एड्रेस होता है। और जो ip address  किसी भी अन्य Numeric से start होते हैं वह public ip address होता है।






   Types of Ip Address


1-: Static
2-: Dynamic






  Static Ip Address


    वे ip address जो Change नहीं होते है। ये हमेशा Same रहते है। अर्थात जो ip address Computer को पहले से मिलते है और वो Change नहीं होते हैं।  वो address Static Ip address होता है।





Dynamic Ip Address

  

    जब कोई Computer या Device Internet से access करता है तो उसको एक ip मिलता है। वह ip एड्रेस Dynamic ip address होता है। यह Address change होता रहता है। यह Temperory एड्रेस कहलाता है।

Friday, November 24, 2017

What is Network Topology





   Network Topology किसी नेटवर्क में विभिन्न नोड्स या टर्मिनल को आपस में Connect करने का एक माध्यम है। या बहुत सारे Computers को किसी एक network में आपस में connect करना और फिर उस network में डेटा को Flow करना Network Topology कहलाता है। और फिर नेटवर्क में टोपोलॉजी के द्वारा डेटा का आदान -प्रदान होता है।
Network Topology 5 प्रकार की होती है।


1-: Ring Topology
2-: Star Topology
3-: Bus Topology
4-: Tree Topology
5-: Mesh Topology
 
  
Ring Topology

   रिंग टोपोलॉजी एक रिंग की भांति होती है। इसमें बहुत सारे computers या नोड्स एक रिंग में जैसे जुड़े हुये होते है। इसलिये इस टोपोलॉजी को Ring Topology कहते हैं। रिंग टोपोलॉजी में कोई भी computer मुख्य कंप्यूटर नहीं होता है इसमें सभी computer एक समान होते है। इस नेटवर्क में डेटा का प्रवाह हमेशा एक ही दिशा में होता है । इसमें किसी भी एक नोड्स या केबल में Problem आने पर हम दूसरे नोड्स से कनेक्ट कर सकते है।

Star Topology



  Star Topology एक star की भांति होती है। इसमें एक host computer या नोड्स होता है जिससे सारे अन्य नोड्स या computer जुड़े होते है यह नेटवर्क के center में होता है जिसे हम Hub कहते है। किसी एक नोड्स या computer में Error आने पर पूरा नेटवर्क जाम नहीं होता है सिर्फ वहीं नोड्स खराब होता है। और अगर हब में कुछ error आती है तो पूरा Network Damage हो जाता है। इसमे एक हब पूरे नेटवर्क को कंट्रोल करके रखता है। Hub ही पूरे नेटवर्क में Data का flow करता है।

Bus Topology

     Bus Topology में सभी नोड्स या कंप्यूटर एक ही cable से जुड़े होते हैं। इसमे केबल के starting point तथा End point पर एक Device लगा होता है जिसे हम Terminator कहते है। यह नेटवर्क में Signals को कंट्रोल करने का काम करता है। कोई भी नोड्स किसी अन्य नोड्स को डेटा फ्लो करना चाहता है तो पहले उसको check करना होता है कि बस मै कोई डेटा फ्लो तो नहीं हो रहा है । अगर नही हो रहा है तो तब वह डेटा फ्लो कर सकता है। 


Tree Topology

  Tree Topology एक ऐसा नेटवर्क है जो Star topology तथा Bus topology का Combination होता है। इसमें star topology की तरह ही एक host कंप्यूटर या नोड्स होता है और bus topology की तरह सभी कंप्यूटर एक ही cable से connect होते है। तथा नेटवर्क एक Tree की भांति दिखता है।



Mesh Topology
   Mesh topology एक बहुत बड़ा नेटवर्क होता है। इसमें सभी कंप्यूटर कहीं ना कहीं किसी कंप्यूटर से जुड़े रहते है। अर्थात सभी कंप्यूटर आपस मे  जुड़े हुये होते है। इसमें डेटा का आदान प्रदान आसानी से हो जाता है। इसमे केबल बहुत ज्यादा लगता है । यह नेटवर्क Costly होता है।

Monday, September 18, 2017

Types of Network


        Computer Network मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं।


 1-: LAN ( Local Area Network )
 2-: MAN ( Metropolitan Area Network )
 3-: WAN ( World Area Network ) 



1-: Local Area Network



  Local Area Network को हम LAN भी कहते हैं । LAN में दो या दो से अधिक computers को आपस में जोड़ा जाता है । लोकल एरिया नेटवर्क स्थानीय स्तर पर काम करने वाला नेटवर्क हैं । यह एक ऐसा नेटवर्क है जो स्थानीय इलाकों जैसे - घर  ,  कार्यालय या भवन तक ही कवर करता है।


   लोकल एरिया नेटवर्क की data transfer speed अधिक होती है। और इसमें Data secure रहता है। तथा इसमें data को ब्यवस्थित करना आसान होता है।




2-: Metropolitan Area Network





      Metropolitan Area Network को हम MAN भी कहते हैं। यह एक ऐसा उच्च गति वाला नेटवर्क है जो आवाज़ , Data और Image को 200 मेगा बाइट प्रति सेकंड या इससे अधिक गति से data को 75km की दूरी तक ले जा सकता हैं । यह LAN से बड़ा और WAN से छोटा नेटवर्क है। इस नेटवर्क से एक शहर से दूसरे शहर को जोड़ा जाता है।


    इसके अन्तर्गत दो या दो से अधिक लोकल एरिया नेटवर्क एक साथ जुड़े होते हैं. यह एक शहर के सीमाओं के भीतर का स्थित Computer Network होता हैं ।


  Router, Switch और Hubs मिलकर एक Metropolitan Area network का निर्माण करते हैं। Man की speed बहुत तेज़ होती है ।




3-: World Area Network



    World area network को हम WAN भी कहते हैं । यह एक बहुत बड़ा नेटवर्क होता है । यह नेटवर्क पूरे World को जोड़ने का काम करता है । यह नेटवर्क एक देश से दूसरे देश को आपस में जोड़ता है । इसमें डेटा को सुरक्षित भेजा और प्राप्त किया जाता है ।


   इस network में computer आपस में लिज़्ड या switch सर्किट के द्वारा जुड़े होते हैं । इस नेटवर्क का जाल पूरे world में फैला हुआ है । Internet इसका एक उदाहरण है । बैंको की ATM सुविधा भी इसका एक उदाहरण है।


  यह एक तार रहित network होता है । इसमे डेटा को signals या Satelight के द्वारा भेजा या प्राप्त किया जाता है । इसके द्वारा हम पूरे world में Data ट्रांसफर कर सकते हैं।